खोरी गाँव के लोगों ने डॉ उदित राज के नेतृत्व में प्रधानमन्त्री कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की

खोरी गाँव के लोगों ने डॉ उदित राज के नेतृत्व में प्रधानमन्त्री कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की

अखिल भारतीय परिसंघ के तत्वाधान में पूर्व सांसद सह कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ उदित राज के नेत्रित्व में खोरी गाँव के हजारों लोगों ने प्रधानमन्त्री कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की. 


विदित हो की  खोरी गाँव  के करीब 10 हजार मकानों  को जिनमे लाखों लोग  तीन दशक  से ज्यादा से लोग रह रहे है ण् उनको सुप्रीम  कोर्ट के आदेशानुसार  7 जून 2021 द्वारा फरीदाबाद नगर निगम 6 सप्ताह के भीतर खोरी गाँव  को खाली करने को विवश  किया जा रहा हैं. 


मौके पर डॉ उदित राज ने खट्टर सरकार पर हमला करते हुए कहा की हरियाणा सरकार को विस्थापन के पूर्व पूनर्वास व्यवस्था करनी चाहिए मगर दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। वहाॅ लोगों ने अपने खून पसीने से ईट-पत्थर जोडकर रहने के लिए अपना घर बनाया है जो आज उनकी ही आॅखों के सामने तोडा जा रहा है। यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

मौके पर परिसंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष  संजय राज ने कहा  की खोरी गाँव  में सदियों  से राजकीय  प्राथमिक विद्यालय , गौशाला , कब्रिस्तान एवं संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति  समेत 20 मंदिर , 10 मस्जिद, 4 चर्च, 1 गुरूद्वारा स्थापित है।

वहाँ पर  पर यूपी , बिहार, झारखण्ड, पष्चिम बंगाल, उत्तराखंड, छत्तीसगढ, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु एवं अन्य राज्यों के भारतीय प्रवासी मजदूर 10 हजार घर लगभग लाखों लोग भी वहाॅ 170 ऐेकड जमीन पर बसर गुजर कर रहे हैं। जोकि गरीब मजदूर का बहूत बडा जनसंख्या तबका वाला क्षेत्र है। लोग डरे और सहमें हैं। कुछ लोग डर से बच्चों के साथ अत्महत्या भी कर लिये  हैं और यह सिलसिला जारी है। पिछले 15 दिनों से बिजली और पानी का कनेक्शन  काट दिया गया। अबतक लगभग एक दर्जन लोग आत्महत्या कर चुके हैं।

इस दौरान लोगों ने "मोदी सरकार रहम करो, हम बहन बेटियों को जीने दो,जन जन का यह नारा हैं, खोरी गांव हमारा हैं, जहां झुग्गी वही मकान मोदी जी का था एलान, यह खट्टर नही खटारा हैं,हम गरीबों का घर उजाड़ा हैं' के नारे भी लगाए 

इसके साथ ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी को ज्ञापन सौंपा हैं की उनकी सर की छत को ना छीना जाए।

सामाजिक कार्यकर्ता मीनू वर्मा ने कहा की. करोना महामारी की तीसरी लहर आ चुकी है ऐसे में हजारों बच्चो को बेघर करना अमानवीय है। बिजली और पानी का कनेक्षन नहीं जुडा तो करोना महामारी की त्रासदि के समय हजारो लोगों की जाने जा सकती हैं। प्रदर्षन एवं ज्ञापन के दौरान  खोरी गाँव  के वासियों ने बताया की यह उनकी  जिदगी और मौत का सवाल है जोकि सरकार के हाथों में है।


प्रदर्शनकारियों ने  सरकार से अपील  की  है कि सुप्रीम  कोर्ट के आदेश  को निरस्त कराने का कष्ट  करें जिससे कोरोना  महामारी के समय लाखों लोगों की जिंदगी बच सकें। वहां रूपेश सिंह , नन्हेंलाल शर्मा  एवं खोरी गाँव  प्रमुख नरेश  जी, अनिल, हरिओम् ,अरूण ,संगीता , अनिल पासवान,दिनेश , मनीष  नरेश चौधरी , रमन सिंह, संजय चतुर्वेदी , विनय, असलम  व अन्य लोग शामिल थे ।  (TNI)