श्मशानों-कब्रिस्तानों के आंकड़ों में इतना फर्क क्यों - प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना से हुई मौतों में सरकारी और शमसान व कब्रिस्तान के आंकड़ों मे अंतर पर सरकार को घेरा.

श्मशानों-कब्रिस्तानों के आंकड़ों में इतना फर्क क्यों - प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव ने कोरोना वायरस से हुई मौत के आंकडों पर सवाल उठाया है। उन्होंने यह पूछा है कि कोविड से हुई मौतों के बारे में सरकार के आँकड़ों और श्मशानों-कब्रिस्तानों के आँकड़ों में इतना फर्क क्यों है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कहा कि मोदी सरकार ने आँकड़ों को जागरूकता फैलाने और कोविड वायरस के फैलाव को रोकने का साधन बनाने के बजाय प्रोपागैंडा का साधन क्यों बना दिया?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कोविड-19 महामारी से मौत के आंकड़ों को, घातक कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने का साधन बनाने के बजाय दुष्प्रचार का साधन बना दिया।

उन्होंने सरकार से प्रश्न पूछने की अपनी श्रृंखला के तहत वीडियो जारी कर यह दावा भी किया कि महामारी की वजह से मरने वालों के आधिकारिक आंकड़ों तथा विभिन्न शहरों में श्मशानों और कब्रिस्तानों में हुए अंतिम संस्कार की संख्या में बहुत अंतर है कोविड से हुई मौतों के बारे में सरकार के आंकड़ों और श्मशानों-कब्रिस्तानों के आंकड़ों में इतना फर्क क्यों? ’’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘मोदी सरकार ने आंकड़ों को जागरूकता फैलाने और घातक कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने का साधन बनाने के बजाय दुष्प्रचार का साधन क्यों बना दिया,